चौदहवीं विधानसभा का पांचवा सत्र बुधवार शुरू हो गया है। पहले ही दिन विपक्ष ने मीणा-मीना विवाद और राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के रमेश मीणा और घनश्याम मेहर ने मीणा-मीना विवाद उठाते हुए कहा कि सरकार इस आरक्षण को भी शोकाभिव्यक्ति कर दे।
इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने ललित मोदी प्रकरण से जुड़े आरोपों को दोहराया और कहा कि इस प्रकरण से प्रदेश की साख देश-विदेश में खराब हुई है। डूडी ने मामले में मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग भी की। इस पर भाजपा विधायकों ने विरोध किया।
जवाब में संसदीय मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा, प्रतिपक्ष नियमों के तहत कोई भी बात कहे। सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है।
आसन पर मौजूद विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने प्रतिपक्ष के सदस्यों को बार-बार शांत रहने के निर्देश दिए। हंगामे के बीच विधानसभा की कार्यवाही जारी रही।
रखे 15 विधेयक
सरकार ने विशेष पिछड़ा वर्ग और आर्थिक पिछडो को नौकरियो आैर शैक्षणिक संस्थाआे में आरक्षण सहित 15 विधेयक सदन में रखे। इनको सदन में चर्चा के बाद पारित किया जाएगा। हालांकि सरकार ने पूर्व में पारित कारागार संशोधन विधेयक को वापस ले लिया है।
राजस्थान आर्थिक पिछडा वर्ग विधेयक 2015
राजस्थान विशेष पिछडा वर्ग विधेयक 2015
राजस्थान विधियां निरसन विधेयक 2015
राजस्थान भारतीय चिकित्सा संशोधन विधेयक 2015
भूपाल नोबल्स विश्वविधालय उदयपुर विधेयक 2015
महर्षि अरविन्द विश्वविधालय जयपुर विधेयक 2015
निशुल्क आैर अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार राजस्थान संशोधन विधेयक2015
राजस्थान नगर पालिका द्वितीय संशोधन विधेयक2015
राजस्थान पंचायती राज तृतीय आैर चतुर्थ संशोधन विधेयक 2015
राजस्थान सहकारी सोसाइटी संशोधन विधेयक 2015
मृतकों दी श्रद्धांजलि
विधानसभा में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ,पूर्व राज्यपाल शीला कौल,पूर्व मुख्यमंत्री जानकी वल्लभ पटनायक, पूर्व सांसद रघुवीर सिंह कौशल, पूर्व विधायक नाथूलाल गूर्जर,कौशल किशोर जैन,हरिराम चौहान,गिरधारी लाल भोबिया, नेपाल भूूकंप और झाबुआ में हुए विस्फोट में मृतकों सहित अन्य दुर्घटनाओं में मृतकों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यवाही की शुरुआत में विशिष्ट सचिव ने सदन में राज्यपाल से अनुमति मिल चुके विधेयकों की जानकारी दी।
बनाए जाएंगे उपसचेतक , संसदीय सचिव
विधानसभा के इस सत्र में उपसचेतक और संसदीय सचिव बनाए जाएंगे। इसे लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि सरकार आठ संसदीय सचिव बना सकती है।
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